Sunday, September 14, 2008

विभु जीजी को chicken-pox



विभु जीजी को chicken-pox हो रहा है और वो सो रही है इसलिए आज तो मेरा राज है यहाँ ब्लॉग पर। मम्मा मुझे जीजी के साथ खेलने से रोकती है, कहती है,"जीजी बीमार है, उन्हें आराम करने दे ", पर जीजी तो मुझे आवाज दे कर बुला लेती है। मैं भी उनके पास खेलता रहता हूँ, क्या करूँ , मुझे अकेले अच्छा भी नहीं लगता ना। नानीमाँने कहा है विभु जीजी को हवा मत लगने देना और उनको नमक, चिकनाई, खटाई मत देना। जीजी के तो मजे हैं, उनको खाना खाना वैसे भी अच्छा नहीं लगता, अब तो अच्छा बहाना मिल गया नहीं खाने का। वैसे सच्ची बात बताऊँ, जीजी अभी बहुत खुश है। पता है क्यों? क्योंकि मम्मा अभी तीन-चार दिन से ऑफिस नहीं जा रहे हैं। मम्मा जब पापा को कह रहे थे कि वो one week की छुट्टी ले रहे हैं तो जीजी बोली, "मम्मा, आप १०० weeks की छुट्टी ले कर आओ"। मम्मा जब घर पर रहती है तो हमें बहुत अच्छा लगता है। जीजी तो हमेशा कहती है, " मम्मा आप रोज-रोज घर ही रहा करो। हम स्कूल जाएँ तो हमारा घर पर इंतजार किया करो"। पर मम्मा हमेशा बस प्यारा कर देती है और फिर रोज-रोज ऑफिस चली जाती है। पता नहीं मम्मा के ऑफिस में खूब सारी छुटियाँ कब होंगी।

Saturday, September 13, 2008

नानीमाँ का बर्थडे गिफ्ट


देखो तो अपना परिचय देने के चक्कर में हम आपको असली बात तो बताना भूल ही गए। दरअसल आज हमारी नानीमाँ का जन्मदिन है और यह ब्लॉग हमने उनको हमारी तरफ़ से गिफ्ट देने के लिए बनाया है। नानीमाँ अक्सर फ़ोन पर यह पूछती है की मेरे राज दुलारे, मेरी आखों के तारे , मेरे घर के उजियारे, मेरे रोशन बेटे, मेरे विभु और अनिमेष क्या कर रहे हैं? तो हमने सोचा क्यों न हम अपनी बदमाशियां, .....ना ना ......हमारा मतलब हमारी रोज की बातें, मम्मा-पापा की शिकयतें ऑनलाइन ही बता दें। हैं ना ?
नानीमाँ ,

HAPPY BIRTHDAY TO YOU!

ब्लॉग पर पहला दिन


आज हमारा ब्लॉग पर पहला दिन है।चलिए हम आपको अपना परिचय देते हैं।शुरू करते हैं कुश भाईसाहब द्वारा भेजे गए हमारे फोटोज से। कुश भाईसाहब को नहीं जानते? अरे, फिर तो लगता है आप मुंबई नहीं गए। मुंबई में हमारे लव-भाईसाहब, नक्शु भाईसाहब, बल्लू मौसी ( अनिमेष-नहीं, बल्लू मौसी तो विभु जीजी कहती है, मेरी तो माँ है) और मासोसा रहते हैं। अरे यह क्या, अपना परिचय तो हम देना भूल ही गए।

हम- विभूति और अनिमेष- दो प्यारे-प्यारे बहिन-भाई हैं। बहुत ही शरीफ और समझदार।देखो हमारी फोटो में भी तो यही जाहिर हो रहा है। bed के बिना भी हम खुशी-खुशी अलमारी में ही सो जाते हैं। पता नहीं फिर भी मम्मा हमें बदमाश क्यों कहती है। आप ही बताइए क्या आपको हम बदमाश लगते हैं?