Thursday, October 2, 2008

मैं स्कूल युनिफोर्म में

सबसे पहले तो , प्रिन्स मामा को हमारी तरफ़ से HAPPY BIRTHDAY! प्रिन्स मामोसा बताइए तो हमारे लिए आज क्या स्पेशल है आपकी तरफ़ से?दरअसल कल तो नक्शु भाईसाहब का बर्थडे था। मम्मा तो कल ही हमारी तरफ़ से लिखने वाले थे पर हमने सोचा अब तो हम बड़े हो गए हैं तो हमारा ब्लॉग हम ही लिखेंगे, इसलिए हम ही कंप्यूटर लेकर बैठ गए और बस ....... और नक्शु भाईसाहब, हम आपकी चोकलेट्स का इन्तजार कर रहे हैं......

सभी पूछते हैं 'अनिमेष स्कूल युनिफोर्म में कैसा लगता है?' (आप को नहीं मालूम मैं स्कूल जाता हूँ?) तो चलिए आज मैं आपको मेरे स्कूल के पहले दिन की कुछ तस्वीरे दिखता हूँ........


देखो, प्रिन्स मामोसा मुझे तैयार कर रहे हैं ......


स्मार्ट लग रहा हूँ ना?

देखो, हँसता-हँसता स्कूल जा रहा हूँ.....


आंटी (प्रभव की मम्मी) हमें bye कर रही हैं.........


कितना खुश हूँ........मैं भी जीजी के जैसे बड़ी स्कूल जाऊंगा...........

विभु: 'भैया हँसते हुए और खुश-खुश स्कूल जा रहा है ना......आप ख़ुद ही देखिये इस विडियो क्लिप में .......


4 comments:

Dr.M.S. said...

2-10-2008
भोर से पहले ब्रह्म काल सों
उठकर याद करें जन्मकाल सों .A
मामा तो आया ही था तब
एक पहर ही बीता था तब .A
निद्रा देवी ने थपकी दी
अपनी गोदी में हुलरी दी .A
सोया मामा तान खींचकर
जगा न होने से कलरव पर .A
लेकिन जगकर जब देखा ब्लॉग
विभु-भैय्या संग चौकस लोग .A
सूरज हंसा की कैसा ये खेला
आलसी देखो प्रिन्स-मामा अकेला .A
फिर भी किया सबने अभिवादन
एक-एक कर साधे सब साधन .A
जागा&भागा हुआ निवृत्त
धोका मां को हुआ उपकृत .A
पक्षी चहके महकी बगिया
चरते द्वारे नंदी गैय्या .A
मौसम खिल-खिल पाटे अंगना
बोले खुशियाँ हर पल मिलना .A
पापा ने भी दिया आशीष
पूर्वज संग लगे सब ईश .A
मन भारी था ] हुआ रुई सम
किया नमन मिलकर सबने हम .A
PRINCE MAMOSA.

Madhu Soodan said...

2-10-2008
भोर से पहले ब्रह्म काल सों
उठकर याद करें जन्मकाल सों .A
मामा तो आया ही था तब
एक पहर ही बीता था तब .A
निद्रा देवी ने थपकी दी
अपनी गोदी में हुलरी दी .A
सोया मामा तान खींचकर
जगा न होने से कलरव पर .A
लेकिन जगकर जब देखा ब्लॉग
विभु-भैय्या संग चौकस लोग .A
सूरज हंसा की कैसा ये खेला
आलसी देखो प्रिन्स-मामा अकेला .A
फिर भी किया सबने अभिवादन
एक-एक कर साधे सब साधन .A
जागा&भागा हुआ निवृत्त
धोका मां को हुआ उपकृत .A
पक्षी चहके महकी बगिया
चरते द्वारे नंदी गैय्या .A
मौसम खिल-खिल पाटे अंगना
बोले खुशियाँ हर पल मिलना .A
पापा ने भी दिया आशीष
पूर्वज संग लगे सब ईश .A
मन भारी था ] हुआ रुई सम
किया नमन मिलकर सबने हम .A
PRINCE MAMOSA

रंजन said...

bahut sundar lag rahe ho tum dono... or tere mamaa kya mast kavaita likhate he..

Lavanya said...

ओए होए...
अनि तो बहुत स्मार्ट दिखता है स्कूल यूनीफॉर्म में....
कितना खुश खुश तैयार होता है, और बस/टैक्सी आने तक खुश भी रहता है...पर स्कूल नही जाना तो नाचुरल है ना...