Sunday, October 19, 2008

पाँव हिलाने से मम्मा बीमार होते हैं......


अभी कुछ दिन पहले जब विभु जीजी को डॉक्टर अंकल के पास दिखानेले गए तब हम सभी बाहर थोडी देर इंतज़ार कर रहे थे। वहां बाहर बैठे-बैठे मैं पाँव हिला रहा था। अचानक मम्मा ने मुझे पाँव हिलाते देखा और मुझे पाँव हिलाने से मना किया। मम्मा से पूछा, 'क्यों? पाँव क्यों नहीं हिलाना?' ....मम्मा बोले, ' पाँव हिलाने से मम्मा बीमार हो जाते हैं। ' ......यह जान कर मैंने पाँव हिलाना रोक कर दिया। थोडी देर तो चुप-चाप बैठा और सोचा परन्तु कहीं से भी पाँव हिलाने और मम्मा के बीमार होने का सम्बन्ध समझ में नहीं आया। आख़िर सोचा प्रत्यक्ष ही कर के देख लूँ। बस फिर क्या था, मैं पाँव हिलाने लगा और मम्मा के चेहरे की तरफ़ देखने लगा उसका असर ............. पर यह क्या , मम्मा तो पहले जैसे ही दिख रहे थे ..........कोई बिमारी का चिन्ह नहीं.........लगा मेरे पाँव हिलाने की गति में कुछ कमी है ........सो गति बढ़ा ली और लगा बहुत ज़ोर-ज़ोर से पाँव हिलाने .......परन्तु फिर भी आशानुरूप कुछ नज़र नहीं आया....इतने में मम्मा ने मुझे देखा...कुछ आश्चर्य से ...मानो उनको समझ नहीं आ रहा हो कि मैं यह फिर से क्या कर रहा हूँ....मुझसे भी और इंतज़ार नहीं हो पाया, लगातार इतने ज़ोर से पाँव हिलाना और वही गति कायम रखना मुश्किल हो रहा था ......आख़िर पूछ ही लिया , ' मम्मा...... आप बीमार हो रहे हो?' ......एक पल के लिए प्रश्नवाचक नज़रों से मम्मा ने मुझे देखा पर यह क्या.. अगले ही पल मम्मा के चेहरे पर बीमारी और दर्द नज़र आने लगा.....दिल के एक कोने में तो संतुष्टि हुई कि मुझे अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया मगर यकायक चिंतित भी हो उठा, पाँव हिलाना रोक कर कहने लगा, 'मम्मा आप बीमार मत होवो '। पाँव का हिलना रुकते ही मम्मा फिर से सामान्य होने लगे। और मेरे मन का संशय दूर हुआ।

2 comments:

Udan Tashtari said...

ये तो नई बात बताई.

रंजन said...

चिन्ता मत कर.. मम्मी बिमार नहीं होगी.... पर हाँ तेरे पांव जरुर दुखने लग जायेगें...