Sunday, December 14, 2008

स्वीमिंग का पहला अनुभव

हमें स्वीमिंग का बहुत शौक चढ़ा हुआ था (आज तक कभी की जो नही थी )। कब से मम्मा-पापा से जिद कर थे की हमें स्वीमिंग के लिए जाना है। घर में हवा में ही हाथ हिला-हिला कर मम्मा को कहती, 'देखो, मैं स्वीमिंग कर रही हूँ'। पर हर बार (यानी हर सन्डे) कोई न कोई काम या कारण..... और परिणाम यह की हमें स्वीमिंग के लिए नहीं लेजाया गया। फिर पिछले शनिवार हमने मम्मा-पापा को कहा कि कल हम स्वीमिंग के लिए जायेंगे। आख़िर जाकर रविवार (०७/१२/१२) को हमें कहा कि चलो स्वीमिंग के लिए। हम दोनों तो बहुत उत्साहित थे।मम्मा से पूछा कि उनको स्वीमिंग किसने सिखाई? मम्मा ने बताया कि जब वो छोटे थे तो नानोसा ने उनको तैरना सिखाया था। पर फिर मेरे मन में एक विचार आया......कहा , 'हमें तो तैरना आता ही नहीं है, हम तो पानी में डूब जायेंगे' । मम्मा ने कहा,' मैं और तुम्हारे पापा तुम दोनों का ध्यान रखेंगे, तुम्हें सिखायेंगे, डूबने थोड़े ही देंगे ' । मन थोड़ा आश्वस्त हुआ....थोड़ा सोचा तो फिर एक विचार आया...मम्मा से बोली, ' मम्मा, इसमें girls-girls और boys-boys नहीं होता है......( दरअसल, अक्सर हर जगह मैं कहती हूँ girls-girls एक साथ या एक तरफ़ और boys-boys एक साथ.....और मैं मम्मा के साथ हो लेती हूँ और मिशु को पापा के साथ भेजती हूँ ), हाँ ...तो मैंने मम्मा से कहा इसमें girls-girls और boys-boys नहीं होता है.....swimming pool में बड़ा बड़े के साथ और छोटा छोटे के साथ होता है। इसलिए मैं papa के साथ रहूंगी और भैय्या आपके साथ रहेगा '। risk नहीं लेनी बाबा....

पूल में पापा ने तो पहले सीधे dive लगाई। तैयार तो हम भी थे...किनारे पे खड़ी थी कि गोदी लेंगे तो पानी में उतरूंगी....मिशु भी पास ही खडा था ..ट्यूब पहने हुए...पता नहीं उसने क्या सोचा...सीधा पानी में कूद गया (शायद उसे लगा होगा पापा ने किया वैसे ही करना है॥) पर यह क्या...ट्यूब तो पानी के ऊपर और वोह ट्यूब से फिसल कर सीधा पानी के अन्दर.....अच्छा था पापा पास ही थे....उसे जल्दी से पकड़ लिया...वो रोने लगा...उसे थोडी देर गोदी-गोदी ही रखा...मुझे भी गोदी में लेकर पानी में लिया.....पानी ठंडा था...(अब दिसम्बर के महीने में भी कोई स्वीमिंग के लिए जाता है ?) पर हमने फिर खूब मजे किए पानी में.....पापा-मम्मा हमारे पास ही थे.....खूब मजा आया....देखो

ye.....आज तो हम स्वीमिंग करेंगे.....


पूल में उतरने को तैयार....



अब मज़ा आ रहा है...

तैरने कि कोशिश....

पूल से बाहर निकले तो बहुत ठण्ड लग रही थी ....मम्मा ने कहा कि अब गर्मियों में लायेंगे तुम्हें और तब तैरना भी सिखायेंगे.....गर्मियों कि छुट्टियों का इंतज़ार है....

(इतने दिनों पता है क्यों नहीं लिखा? दरअसल laptop में कुछ problem थी पर उसे देखने या ठीक करने का समय ही नहीं मिला...)

2 comments:

Ratan Singh said...

अरे खूब मजे ले रहे हो स्विमिंग के ! हमने भी गांव की तलैया में स्विमिंग के बड़े मजे लिए थे |

Anju ranjan said...

bahut pyare lag rahe ho swimming karte huye. anju masi ki taraf se dher sara pyar...