Sunday, May 17, 2009

भूले तो नहीं ना.....

कितने दिन हो गए .....दिन क्या....महीने हो गए....पर क्या करें ..किसी और पर आश्रित रहने का यही अंजाम तो होता है। अभी हम छोटे हैं तब तक तो मम्मा को ही ध्यान रखना चाहिए ना..पर... ।
आपको आखिरी पोस्ट में बताया था की नानिमां रहे हैं। नानिमां, कर्नेल आंटी नानिसा और लव भाईसाहब के आने के साथ ही हमारे तो मजे ही मजे थे। हम यहाँ से चेन्नई, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, मदुरै, कोडैकनल,पांडिचेरी और महाबलीपुरम घूमने गए। वापस आने के बाद मम्मा ऑफिस में कुछ व्यस्त हो गयीं, उनके मार्च में 'annual-closing' और अप्रैल में ऑडिट (ये सब क्या होता है ये तो हमें नहीं पता) और फिर हमारे exams । इन सब के चलते मम्मा कहती है की वोह कुछ लिख नहीं पाई। अभी तो मई चल रहा है और हम भी तो २ मई से हैदराबाद में नहीं हैं फिर काहे की व्यस्तता ? सभी बहाने ही तो है।
अरे हम आपको यह बताना तो भूल ही गए की अभी हम दोनों जोधपुर आए हुए हैं...हमारी प्यारी नानिमां के पास। २ तारीख से हमारी स्कूल की छुट्टियाँ हुई और उसी दिन हम मुंबई के लिए रवाना हो गए। कुछ दिन वहां बल्लू मासी , मासोसा, लव-कुश-नक्शु भाईसाहब के साथ धमाल और फिर १२ को जोधपुर।

जोधपुर की बातें अगली बार, अभी तो हम आपको हम घुमने गए उसकी कुछ तस्वीरें बतातें हैं॥(backlog भी तो पूरा करना पड़ेगा ना)


चेन्नई स्टेशन से पापा के ऑफिस के गेस्ट-हाउस जाते हुए ....मैं लव-भाईसाहब की गोदी में

3 comments:

संगीता पुरी said...

अरे इतना घूम लिया .. हमें साथ नहीं लिया .. भला भूलेंगे क्‍यों नहीं ?

Udan Tashtari said...

बहुत अच्छा घुमाये जी आप!! आपको कैसे भूल सकते हैं???

रंजन said...

भूल तो तुम्हारे पापा मम्मी को गये थे बेटा... पता नहीं क्यों खबर नहीं देते..

अच्छा किया फिर से आ गये.. नियमितता बना ्कर रखना.. और स्नेक पार्क में मगरमच्छ ढुंढ दिये.. कमाल है..

प्यार