वहाँ पर हम जीप कर के धनुष-कोडी गए, रामेश्वरम से थोड़ा दूर था...सड़क के अलावा समुद्र की बालू रेत में ही करीब ४५ मिनट जीप चली थी ......वहाँ सबसे ज्यादा मज़ा आया .....समुद्र तो इतना साफ़ था कि पानी के नीचे ऐसे नज़र आ रहा था मानो कांच में देख रहे हों। हम दोनों ने और लव भाईसाहब ने वहाँ समुद्र में बहुत मस्ती की......दूसरा कोई भी वहाँ नहीं नहा रहा था......पता नहीं क्यों.....वैसे ज्यादा लोग भी नहीं थे....आख़िर कर्नेल आंटी नानीसा के खूब मना करने पर हम पानी से बाहर आए ....नानीसा कह रहे थे कि जब दूसरा कोई भी यहाँ नहीं नहा रहा है तो हो सकता है यह जगह नहाने के लिए इतनी सुरक्षित नहीं हो....पर वहाँ समुद्र तो बहुत शांत था और गहरा भी नहीं था ..... खैर जो भी हो, हम तो तब तक खूब मस्ती कर चुके थे..... देखो ...
उसी दिन हम रामेश्वरम से निकल गए......वहीँ से हमने Qualis कर ली थी जो हमें वहां से मदुरै ले गई....रात वहाँ गुजारी....अगले दिन सुबह-सुबह (यानी २४/१२ को) मिनाक्षी मन्दिर में दर्शन कर के उसी गाड़ी में आगे hill-station kodaikanal चले गए......शाम से पहले- पहले, करीब ३.३० बजे kodaikanal पहुँचे गए।
madurai से kodaikanal के रास्ते पर ....


5 comments:
तुम कन्याकुमारी से निकले और में पहुचाँ.. बहुत मस्ती ्की अब पता चला... ्बहुत प्यारे फोटो...
और जन्मदिन का क्या?
बहुत शुभकामनाऐं.. belated happy birthday..
्प्यार..
रंजन अंकल, आपने बताया नहीं आपको कन्याकुमारी में कितने समुद्र दिखे? और रही जन्मदिन की बात, तो अभी पूरी तस्वीरें आने के बाद, तस्वीरों के साथ ही उस दिन के धमाल के किस्से सुनायेंगे इसलिए थोडा pending रख दिया....
रामेश्वरम की बात अच्छी लगी. जनम दिन भले बीत गया हो, आपको हमारी शुभ कामनाएं.
वाह !! सुदर चित्र .. बढिया वर्णन।
भाई, आपने चित्रों के ज़रिये अच्छी यात्रा करवा दी, धन्यवाद.
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